Sri Lanka Blasts: श्रंखलाबद्ध बम धमाकों में 290 से अधिक लोगों की मौत करीब 450 से अधिक लोग घायल, देश में आज रात से लागू होगा आपातकाल

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कोलंबो। भारत ने संभावित हमले के बारे में श्रीलंका को विशिष्ट खुफिया जानकारी दी थी। मगर, इसके बावजूद कोलंबो ने उन विस्फोटों को रोकने के लिए पर्याप्त सावधानी नहीं बरत सका और वहां हुए श्रंखलाबद्ध बम धमाकों में 290 से अधिक लोगों की मौत हो गई। हमले में करीब 450 से अधिक लोग घायल हैं।

अब इस मामले में इंटरपोल आगे आया है और उसने इस खतरनाक आतंकी हमले की जांच में मदद करने की पेशकश की है। इंटरपोल के सेक्रेटरी जनरल जुर्गेन स्टॉक ने कहा कि इंटरपोल इस भीषण हमले की कड़ी निंदा करता है और वह श्रीलंका के अधिकारियों को जांच में हर संभव मदद देने के लिए तैयार हैं। पेरिस स्थित इंटरपोल एक ऐसा संगठन है, जो दुनियाभर के देशों की पुलिस को सहयोग देता है।

वहीं आज रात से श्रीलंका में आधी रात से आपातकाल लागू कर दिया जाएगा। राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना इस बात की घोषणा सोमवार को करेंगे। इस बीच श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग ने दो अन्य भारतीयों की पुष्टि की है। इनके नाम केजी हनुमानथारायप्पा और एम रंगप्पा हैं। इस तरह अब तक कोलंबो में हुए बम धमाके में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि कोलंबो में हुए धमाके के बाद से वहां घूमने गई जेडीएस के सात कार्यकर्ताओं की टीम लापता हो गई है।

द्वीपीय देश में हुआ यह अब तक का सबके दर्दनाक और भयावाह आतंकी हमला है। एक दशक पहले लिट्टे को उखाड़ फेंकने के बाद से श्रीलंका में शांति बनी हुई थी। प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने रविवार को स्वीकार किया कि उन्हें संभावित हमले के बारे में जानकारी थी, लेकिन इसे रोकने के लिए वे पर्याप्त कदम नहीं उठा सके।

22 अप्रैल को या उससे पहले हमले की योजना बनाई थी। उन्होंने कथित तौर पर आठ स्थानों को हमले के चुना था, जिसमें एक चर्च और एक होटल का चयन किया था, जहां बड़े पैमाने पर भारतीय पर्यटक आते हैं। नई दिल्ली ने 4 अप्रैल को कोलंबो के साथ यह खुफिया जानकारी साझा की थी।

हमले के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम विक्रमसिंघे ने कहा कि उन्हें यह पता लगाने के लिए सहायता की जरूरत होगी कि क्या इन हमलों के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों को विदेशों से मदद मिली। हालांकि, उन्होंने कहा कि अब तक मिली जानकारी के अनुसार हमलावर संदिग्ध स्थानीय युवक हैं। उन्होंने बताया कि इन हमलों के मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना ने हमले के कारणों और परिणामों पर गौर करने के लिए एक विशेष जांच समिति नियुक्त की है।

राष्ट्रपति सचिवालय ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश सहित न्यायाधीशों का पैनल इस मामले को देखेगा। पैनल को दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है।

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